PM Kusum Yojana 2026: किसानों के लिए खेती की लागत कम करने और सिंचाई के लिए बिजली पर निर्भरता घटाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान यानी PM-KUSUM योजना चलाई जाती है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को सोलर पंप लगाने और कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने के लिए सरकारी सहायता दी जाती है।
सोलर पंप की मदद से किसान खेतों की सिंचाई कर सकते हैं और डीजल या सामान्य बिजली पर होने वाला खर्च कम कर सकते हैं। हालांकि, योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और उपलब्धता राज्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
PM Kusum Yojana क्या है?
PM-KUSUM का पूरा नाम प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान है। योजना का उद्देश्य किसानों को अक्षय ऊर्जा से जोड़ना और कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना है।
इस योजना के अंतर्गत मुख्य रूप से सोलर पावर प्लांट, स्टैंडअलोन सोलर कृषि पंप और मौजूदा ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों के सोलराइजेशन पर काम किया जाता है।
किसानों को कितनी सब्सिडी मिलती है?
सोलर पंप पर मिलने वाली सहायता योजना के घटक और राज्य के अनुसार अलग हो सकती है। सामान्य राज्यों में Component-B के तहत केंद्र की ओर से निर्धारित मानक/टेंडर लागत की 30% तक केंद्रीय सहायता दी जाती है। राज्य सरकार की ओर से कम से कम 30% सहायता का प्रावधान है और शेष राशि किसान के हिस्से में आती है।
सहायता का प्रकार
- सामान्य प्रावधान
- केंद्रीय सहायता
- 30% तक
- राज्य सरकार की सहायता
- कम से कम 30%
- किसान का हिस्सा
- अधिकतम 40%
- बैंक ऋण
- उपलब्धता/नियमों के अनुसार
कुछ विशेष राज्यों और केंद्रशासित क्षेत्रों में केंद्रीय सहायता का हिस्सा 50% तक हो सकता है।
ध्यान रखें कि वास्तविक लागत और किसान द्वारा भुगतान की जाने वाली राशि राज्य की गाइडलाइन, पंप की क्षमता और स्वीकृत लागत पर निर्भर करेगी।
किन किसानों को मिलेगा लाभ?
PM-KUSUM के अंतर्गत पात्रता संबंधित राज्य की कार्यान्वयन एजेंसी के नियमों के अनुसार तय होती है। सामान्य तौर पर कृषि कार्य करने वाले पात्र किसान और योजना में निर्धारित श्रेणियों के लाभार्थी आवेदन कर सकते हैं।
Component-B के तहत ऑफ-ग्रिड क्षेत्रों में कृषि सिंचाई के लिए स्टैंडअलोन सोलर कृषि पंप लगाए जाते हैं। इसमें निर्धारित नियमों के अनुसार 7.5 HP तक के सोलर कृषि पंप शामिल किए जा सकते हैं।
PM Kusum Yojana के लिए जरूरी दस्तावेज
ऑनलाइन आवेदन के दौरान राज्य के अनुसार दस्तावेजों की सूची अलग हो सकती है। सामान्य तौर पर ये दस्तावेज मांगे जा सकते हैं:
- आधार कार्ड
- मोबाइल नंबर
- बैंक खाते की जानकारी
- भूमि से संबंधित दस्तावेज
- निवास प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
- कृषि भूमि की जानकारी
- आवश्यक घोषणा या अन्य संबंधित दस्तावेज
आवेदन करने से पहले अपने राज्य की आधिकारिक गाइडलाइन में दस्तावेजों की सूची जरूर जांच लें।
PM Kusum Yojana Online Apply कैसे करें?
अगर आपके राज्य में योजना के तहत आवेदन विंडो खुली है, तो आवेदन करने के लिए सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार हो सकती है:
- स्टेप 1: PM-KUSUM से संबंधित आधिकारिक पोर्टल या अपने राज्य की अधिकृत कार्यान्वयन एजेंसी की वेबसाइट खोलें।
- स्टेप 2: उपलब्ध होने पर Online Application/Registration विकल्प चुनें।
- स्टेप 3: अपना मोबाइल नंबर और आवश्यक जानकारी दर्ज करके रजिस्ट्रेशन करें।
- स्टेप 4: आवेदन फॉर्म में किसान, भूमि और सोलर पंप से जुड़ी जानकारी भरें।
- स्टेप 5: मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
- स्टेप 6: आवेदन को दोबारा अच्छी तरह जांचकर सबमिट करें।
- स्टेप 7: आवेदन संख्या या रसीद को सुरक्षित रखें, ताकि बाद में आवेदन का स्टेटस देखा जा सके।
PM Kusum Yojana में आवेदन से पहले रखें ध्यान
किसानों को किसी भी अनजान व्यक्ति या फर्जी वेबसाइट पर पैसे जमा नहीं करने चाहिए। PM-KUSUM से संबंधित आवेदन के लिए केवल सरकारी या अधिकृत राज्य एजेंसी के पोर्टल का इस्तेमाल करें।
किसी वेबसाइट पर आवेदन शुल्क, सब्सिडी दिलाने या सोलर पंप स्वीकृत कराने के नाम पर भुगतान करने से पहले उसकी आधिकारिकता जरूर जांचें।
आवेदन के बाद क्या होगा?
आवेदन जमा होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा दस्तावेजों और पात्रता की जांच की जा सकती है। पात्र पाए जाने पर योजना के नियमों के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी होती है। कुछ मामलों में लाभार्थी चयन, स्वीकृति, किसान अंशदान और सोलर पंप लगाने की प्रक्रिया राज्य की व्यवस्था के अनुसार अलग हो सकती है।
इसलिए केवल ऑनलाइन फॉर्म भरना ही अंतिम स्वीकृति नहीं माना जाना चाहिए। अंतिम लाभ संबंधित विभाग की जांच और स्वीकृति के बाद मिलता है।
PM Kusum Yojana 2026 किसानों के लिए सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण योजना है। इसके माध्यम से पात्र किसानों को सोलर कृषि पंप और सौर ऊर्जा से जुड़ी परियोजनाओं के लिए सरकारी सहायता मिल सकती है। सोलर पंप लगाने से लंबे समय में सिंचाई की लागत कम करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, आवेदन करने से पहले अपने राज्य में योजना की वर्तमान स्थिति, पात्रता, उपलब्ध पंप क्षमता, सब्सिडी और आवेदन की अंतिम तारीख जरूर जांचें। योजना की राशि और आवेदन प्रक्रिया राज्य के अनुसार अलग हो सकती है।